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सेवा, साधना के साथ बेटी बचाओ की अराधना भी

देवघर । सुल्तानगंज से गंगा जल लेकर देवघर तक पैदल कांवर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की सेवा के लिए बीते पांच वर्ष से बांका-देवघर की सीमा पर सिलजोरी मौजा में लगने वाले श्री ब्रहोश्वर महादेव सेवा शिविर की सेवा गुरुवार से शिव आराधना, भजन व आरती के साथ शुरु की गई। शिविर का उद्घाटन झारखंड के मंत्री राज पालिवार ने किया। तकरीबन सवा लाख स्क्वायर फीट में लगनेवाले इस विशाल कांवरिया सेवा शिविर में चार हजार कांवरिया को ठहराने की व्यवस्था रहती है।

सभी सुविधाओं से लैस इस शिविर को यहां विश्व धर्म चेतना मंच, श्रीमहर्षि आश्रम तिरुपति की ओर से लगाया जाता है। ब्रह्रार्षि श्री गुरुदेव के अनुयायियों के द्वारा इस शिविर में कांविरयों की सेवा की जाती है। शिविर में निश्शुल्क ठहराव, भोजन, पानी, चिकित्सा सुविधा समेत अन्य सुविधाएं कांवरियों को निश्शुल्क दी जाती है।

शिव के साथ शक्ति की अराधना का भी संदेश
श्री ब्रहोश्वर महादेव सेवा शिविर में आनेवाले शिवभक्तों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेशा भी विशेष तौर पर दिया जाता है। मतलब यहां से शिव के साथ शक्ति की अराधना का भी संदेश जन-जन तक पहुंचाने की पहल की जा रही है। समिति के अध्यक्ष वीके श्रीवास्तव कहते हैं कि समिति का मुख्य उद्देश्य सेवा, शिक्षा और साधना है। समिति के माध्यम से आने वाले दिनों में एक लाख बच्चियों को गोद लेकर इनकी शिक्षा-दीक्षा के साथ इन्हें स्वावलंबी बनने तक संबल देना है। खासकर बिहार, झारखंड, राजस्थान जैसे राज्यों में जहां शिक्षा का स्तर निम्न है वहां की बच्चों को गोद लेकर उन्हें स्वावलंबी बनाने के दिशा में समिति पहल कर रही है।

आंध्रप्रदेश के चित्तूर, तिरुपति समेत कई इलाकों में कार्य प्रारंभ है। समिति के संरक्षक श्री पारस कुमार बताते हैं कि शिवभक्तों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं देने के लिए ही शिविर लगाया जाता है। जब केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा के दौरान दुरुह परिस्थितियों में भी शिवभक्तों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं दी जा सकती है तो यहां पैदल यात्रा कर शिव की पूजा करने आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मुहैया कराने में कंजूसी क्यों। इसलिए समिति की ओर से यह प्रयास रहती है कि शिविर में ठहरने वाले शिवभक्तों को बेहतरीन सुविधाएं दी जाएं।

इसके लिए यहां तकरीबन 125 कार्यकर्ता हर वक्त तत्पर रहते हैं। शाम में कावंरियों की सेवा के साथ मनोरंजन की भी खास व्यवस्था की जाती है। मौके पर मुख्य संरक्षक पारस कुमार, अध्यक्ष वीके श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह, संयोजक राजेश कुमार सिंह, सह संयोजक संजय ठाकुर, कोषाध्यक्ष शंकर कुमार कुंवर समेत कामेश्वर सिंह, रणविजय सिंह, अरुण सिंह, सत्येंद्र सिंह आदि मौजूद थे।

गुरुदेव का परिचय
विश्व धर्म चेतना मंच के प्रणेता ब्रह्मर्षि गुर्वानंद स्वामी ‘गुरुदेव’ तिरुपति बालाजी के पास रामबाग आश्रम के संस्थापक हैं। गुरुदेव को 12 साल की आयु में ही चारों वेद, रामायण, गीता, उपनिषद, आगम, पुराण आदि धर्म ग्रंथों का स्वज्ञान हो गया था। सात बार विश्व सर्व धर्म महासम्मेलन में स्वर्ण पदक से अलंकृत भी है। विश्व धर्म चेतना मंच के अनुयायी विश्व के 172 देशों में फैले हैं।

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