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आयकर रिटर्न : लगेगा 5 हजार का जुर्माना

वित्तीय वर्ष 2018-19 की आयकर रिटर्न की अंतिम तारीख 31 जुलाई है। इसके लिए मात्र दस दिन बचे हैं। समय पर रिटर्न दाखिल करने का बड़ा लाभ यह होगा कि जल्द से जल्द रिफंड होगा। इसके साथ ही तय तारीख के बाद रिटर्न भरने पर पांच हजार रुपए का जुर्माना भी भरना होगा।

कर सलाहकार प्रकाश गंगवाल का कहना है कि जल्द रिटर्न दाखिल करना इसलिए अहम है, क्योंकि 20 जुलाई के बाद विभाग की वेबसाइट अधिक लोड की वजह से ठप हो जाती है। देरी से जमा होने की स्थिति में आयकर विभाग की ओर से अधिनियम के अनुसार जुर्माना वसूल किया जाता है। रिटर्न दाखिल करवाने के लिए नौकरी पेशा के लिए फार्म 16 ए, किराए की आय, बिजनेस करने वालों के लिए ट्रेडिंग खाता, प्रॉफिट एंड लॉस खाता, खर्च खातों की नकल, कैपिटल खाता, बैलेंस शीट, जीएसटी की टर्नओवर सेविंग खाता की ब्याज और आयकर रिटर्न में कर की छूट के लिए रसीदें (एलआइसी) म्यूचल फंड, स्कूल फीस आदि तैयार कर अपने टैक्स प्रोफेशनल को दी जाती है।

करदाता खुद भी आयकर विभाग की वेबसाइट पर जाकर आयकर की रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। रिटर्न दाखिल करने के लिए बैंक खाते से आधार कार्ड का नम्बर जुड़ा होना अनिवार्य है। आधार के साथ मोबाइल नम्बर नहीं जुड़ा होने पर रिटर्न दाखिल करने में परेशानी आ सकती है। या फिर ऑन लाइन के स्थान पर मैन्यूअल ही रिटर्न विभाग को भेजना पड़ेगा। ऐसे में आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा खाता अपडेट होना जरूरी है।


पैन कार्ड व आधार मैच नहीं होने के कारण
नाम की स्पेलिंग में अंतर, जन्म तिथि के वर्ष में अंतर। आधार पुराना होने के कारण वेबसाइट पर डाटा पूरा न अपलोड होना। ***** में गलती होने के कारण। इन में किसी तरह का अन्तर है, तो भी रिटर्न भरने में परेशानी आ सकती है। ऐसे में आधार व पैन कार्ड में कोई गलती होने पर उसे सुधारना कर रिटर्न भरना होगा।
31 मार्च 2020 बाद रिटर्न नहीं भर सकेंगे
पांच लाख से अधिक आय वाले करदाता 31 जुलाई के बाद रिटर्न भरते हैं, तो 5 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा। रिटर्न 31 दिसम्बर के बाद भरा जाता है, तो जुर्माना 10 हजार होगा। आय 5 लाख से कम है तो करदाता को एक हजार रुपए का जुर्माना देना होगा, लेकिन दोनों ही स्थितियों में 31 मार्च 2020 के बाद रिटर्न नहीं भरा जा सकेगा।

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